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| • सिलफिली |
सुबह से ही शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
भोर पहर से ही शिव भक्त हाथों में जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भस्म और पुष्प लेकर मंदिरों की ओर रवाना होते नजर आए। कई श्रद्धालु नंगे पांव मंदिर पहुंचे और कतारबद्ध होकर शांतिपूर्वक जलाभिषेक किया। शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय भक्तों की आंखों में आस्था और विश्वास साफ झलक रहा था।
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| • देवनगर |
जिले के विभिन्न शिवालयों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, शिव चालीसा पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। मंदिर प्रबंधन समितियों द्वारा विशेष पूजा व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कई मंदिरों में शाम को महाआरती और भक्ति संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
युवाओं, महिलाओं और बच्चों की रही विशेष भागीदारी
इस पावन अवसर पर महिलाओं और युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। महिलाओं ने व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की, वहीं युवाओं ने मंदिर परिसरों में सेवा कार्य कर श्रद्धालुओं की मदद की। बच्चों में भी खासा उत्साह देखा गया, जो अपने माता-पिता के साथ पूजा में शामिल हुए।
सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसरों में साफ-सफाई, पेयजल और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क नजर आया।
शिव भक्ति में डूबा पूरा जिला
पूरे दिन जिले का माहौल भक्तिमय बना रहा। गांव-गांव और शहर-शहर से आती हर-हर महादेव की गूंज ने यह संदेश दिया कि शिव भक्ति आज भी लोगों के जीवन में आस्था, संयम और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बनी हुई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान शिव की कृपा से जिले में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहेगी।
सूरजपुर जिले में शिव भक्ति का यह अद्भुत दृश्य न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूत करता है। भगवान भोलेनाथ के जयकारों के बीच पूरा जिला शिवमय हो उठा।


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