इस ऐतिहासिक कॉन्फ्रेंस की सरपरस्ती सूफी इफ्तेखार अहमद नूरी (दूरी नगर, सिविल लाइंस, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश) द्वारा की जा रही है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिष्ठित उलमा-ए-किराम, मशाइख और सूफी संत अपने विचारों से लोगों को मार्गदर्शन देंगे।
प्रमुख वक्ता और अतिथि
कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वालों में मुख्य रूप से
मोहम्मद आक़िल रज़ा इफ्तेखारी,
तौकीर रज़ा रज़वी (औरंगाबाद, बिहार),
नौशाद अंबर (औरंगाबाद, बिहार),
रिज़वान इफ्तेखारी (इलाहाबाद),
अब्दुल मोईन (अंबिकापुर) सहित कई जाने-माने धार्मिक विद्वान शामिल हैं।
कार्यक्रम में शिरकत करने वाले उलेमा सूफी शिक्षाओं, इंसानियत, अमन-ओ-अमान, भाईचारे और सामाजिक सुधार जैसे विषयों पर अपने विचार रखेंगे।
आयोजन की विशेष व्यवस्थाएं
आयोजकों द्वारा जानकारी दी गई है कि
लंगर-ए-ख्वानी की मुकम्मल व्यवस्था रहेगी।
औरतों के लिए पर्दे का विशेष इंतज़ाम किया गया है।
दूर-दराज से आने वाले ज़ायरीनों के लिए सहयोग और सुविधा की व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कॉन्फ्रेंस को सफल बनाने की अपील की है। समिति का कहना है कि यह कॉन्फ्रेंस समाज में सकारात्मक संदेश देने और सूफी विचारधारा को मजबूती देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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