अंकिता सिंह ने सौंपा त्यागपत्र
योगेन्द्र प्रताप सिंह ने जताई नाराजगी
तुलसी यादव ने छोड़ा विशेष आमंत्रित सदस्य पद
कुमार सिंह देव ने भी किया पद से पृथक होने का अनुरोध
प्रदेश स्तर तक पहुंचा मामला
सूरजपुर। सूरजपुर जिले की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है और जिला कांग्रेस कमेटी में इस्तीफों का दौर लगातार जारी है। नही रुक रहा इस्तीफा का सिलसिला - इसी कड़ी में जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर के स्थायी एवं विशेष आमंत्रित सदस्य पद से कई नेताओं ने अलग होने की घोषणा कर दी है। लगातार मिल रहे त्यागपत्रों से संगठन के भीतर असंतोष की स्थिति साफ झलक रही है।
पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष अंकिता सिंह ने जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर के स्थायी आमंत्रित सदस्य पद से पृथक करने हेतु पत्र सौंपते हुए कहा कि वर्तमान घोषित कार्यकारिणी में ऐसे व्यक्तियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है, जिन्होंने पूर्व में पार्टी के खिलाफ कार्य किया था। उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि संगठन में बिना समुचित विचार-विमर्श और वरिष्ठ कांग्रेसजनों से चर्चा किए पद वितरण किया गया, जिससे वे स्वयं को असहज महसूस कर रही हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के प्रति निष्ठावान रहेंगी।
इसी क्रम में जनपद पंचायत भैयाथान के सदस्य एवं अधिवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने भी जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर के विशेष आमंत्रित सदस्य पद से त्यागपत्र दिया है। अपने पत्र में उन्होंने सक्रिय और निष्ठावान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि जिला कार्यकारिणी में ऐसे लोगों को स्थान दिया गया है जो पार्टी की प्राथमिक सदस्यता तक नहीं रखते। उन्होंने वर्तमान परिस्थिति में पद पर बने रहना उचित नहीं बताया, लेकिन कांग्रेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
वहीं पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष तुलसी यादव ने भी जिला कार्यकारिणी के विशेष आमंत्रित सदस्य पद से इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि जिले के निष्ठावान कांग्रेसजनों की नाराजगी और कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष के कारण वे उक्त पद पर बने रहना नहीं चाहते। उन्होंने संगठन में सामंजस्य और सक्रिय कार्यकर्ताओं को सम्मान देने की आवश्यकता बताई।
इसके अलावा कुमार सिंह देव ने भी स्थायी आमंत्रित सदस्य पद से अलग होने की घोषणा की है। उन्होंने अपने त्यागपत्र में कहा कि कार्यकारिणी गठन से पूर्व उनसे किसी प्रकार की सहमति नहीं ली गई तथा पारिवारिक और सामाजिक कारणों के साथ-साथ संगठनात्मक परिस्थितियों को देखते हुए वे पद पर कार्य करने में असमर्थ हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में अन्य दलों में गए कुछ व्यक्तियों को पुनः प्रमुख स्थान दिए जाने से कार्यकर्ताओं में असंतोष है।
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| त्याग पत्र |
लगातार मिल रहे इन त्यागपत्रों ने जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर की आंतरिक स्थिति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि संगठन स्तर पर संवाद और समन्वय स्थापित नहीं किया गया तो आगामी समय में और भी इस्तीफे सामने आ सकते हैं। फिलहाल सभी नेताओं ने अपने-अपने पत्रों में यह स्पष्ट किया है कि वे कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से जुड़े रहेंगे और एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते रहेंगे, लेकिन जिला कार्यकारिणी के पद पर बने रहना उन्होंने उचित नहीं समझा।
सूरजपुर की राजनीति में जारी यह घटनाक्रम अब प्रदेश स्तर तक चर्चा का विषय बन गया है और सभी की नजरें संगठन की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं।


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