सूरजपुर। शिक्षा अधिकार है, व्यापार नहीं एनएसयूआई के पूर्व जिला संयोजक अविनाश साहू ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा की हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं के शुल्कों में हुई बेतहाशा वृद्धि पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए कहा प्रदेश की भाजपा सरकार शिक्षा पर डकैती कर रही है और पूछा कि क्या अब प्रदेश में गरीब का बच्चा शिक्षा से वंचित रह जाएगा?
पूर्व जिला संयोजक अविनाश साहू ने बताया कि शिक्षा मंडल ने फीस में जो वृद्धि की है वह बेहद चौंकाने वाली है।
नियमित परीक्षा शुल्क: जो पहले मात्र ₹460 था, उसे सीधे बढ़ाकर ₹800 कर दिया गया है।
नामांकन शुल्क: ₹80 की जगह अब छात्रों को ₹200 देने होंगे (करीब 150% की वृद्धि)।
विलंब शुल्क: इसे ₹1540 से बढ़ाकर ₹2000 कर दिया गया है।
सूरजपुर के ग्रामीण छात्रों पर पड़ेगा सबसे बुरा असर अविनाश साहू ने कहा हमारा सूरजपुर जिला आदिवासी बाहुल्य और किसान प्रधान जिला है। यहाँ के अभिभावक बड़ी मुश्किल से अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं और एक तरफ भाजपा सरकार 'मुफ्त शिक्षा' के बड़े-बड़े विज्ञापन छपवाती है, तो दूसरी तरफ परीक्षा फॉर्म के नाम पर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की जेब काट रही है। क्या सरकार अपना बजट घटा कर छात्रों की फीस से खजाना भरना चाहती है।
एनएसयूआई नेता अविनाश साहू ने सीधे मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश के लाखों छात्रों पर डाले गए इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ का औचित्य क्या है? उन्होंने कहा किया कि अगर सरकार ने इस जनविरोधी फैसले को वापस नहीं लिया, तो एनएसयूआई घर-घर जाकर सरकार के इस 'शिक्षा विरोधी' चेहरे को उजागर करेगी और छात्रों के साथ मिलकर चरणबद्ध तरीके से आवाज उठाएगी।
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